तस्वीरें -देवसुत Sun Sep 22 2013 17:02:04 GMT-0700 (PDT)

posted Sep 22, 2013, 5:02 PM by A Billion Stories
मैंने एक तस्वीर खींची अभी
देखा कुछः लंगड़े लूले, कुछः खाते पीते,
कुछः सुखी हंस्ते, कुछः दुखी रोते।

पूछा मैंने खुद से तभी,
जब हैं ऊपर वाले के सब प्यारे,
तब क्यूं है सब ऐसे,
कुछः लंगड़े लूले, कुछः खाते पीते?
कुछः सुखी हंस्ते, कुछः दुखी रोते?

तभी मन में एक बात उठी,
और मैंने एक तस्वीर फिर खींची।
गौर से देखा तो बात कुछ हज़म हुई।

रोते बिलखते दिखे खाते पीते,
हँसी खुशी थे लंगड़े लूले।
समझ में आया तभी,
ऊपर वाले के हैं सब प्यारे,
सुख और दुख, सुखी और दुखी।

इस समझ से मैंने एक और तस्वीर फिर खींची।




-देवसुत

Submitted on: Sun Sep 22 2013 05:01:07 GMT-0700 (PDT)
Category: Original
Language: Hindi
Copyright: Reserved
Submit your own work at http://www.abillionstories.com
Read submissions at http://abilionstories.wordpress.com
Submit a poem, quote, proverb, story, mantra, folklore in your own language at http://www.abillionstories.com/submit
Comments