आ়र्जू -आ়जाद Mon Aug 19 2013 18:16:27 GMT-0700 (PDT)

posted Aug 19, 2013, 6:16 PM by A Billion Stories
तुम तो हो छोटे बचपना है तुम्हारा,
जीवनभर तुम खुश रहो यह अपसना है हमारा,
रेगिस्तान की धूप मे तुम बन जाना सरोवर,
यही तो होगी तुम्हारे आपनों की धरोहर,
सूरत तुम्हारी होगी सारे जग से मनोहर,
बसने आए तुम्हारे साथ जगत का ईश्वर,
कुछ नहीं माँगा प्रभु से करता हू अरज,
सब हঁसते रहे हঁसाते रहे यही मेरा अरमान,
कोई न रूठे , साथ न छूटे हঁसाते रहो हमेशा,
बहुत दूर से भी याद करेगा तुम्हें, तुम्हारा "विवेक" |


-आ়जाद

Submitted on: Wed Aug 07 2013 05:32:46 GMT-0700 (PDT)
Category: Original
Language: Hindi
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