मेरे प्यारे बेटे -देवसुत 05.05.2014 18:01:34

posted May 5, 2014, 5:31 AM by A Billion Stories
मेरे प्यारे बेटे
आज चलो हम ऊपर देखें ।

देखो देखो,
दूर आकाश मे हैं खिलते तारे
कुछः पास,
कुछः दूर,
पर सारे ।
तारो से भी दूर और तारे
कुछः दूर,
कुछः और दूर,
पर सारे ।

कुछः छोटे,
कुछः बडे,
पर गोल सारे ।
कुछः बडे,
कुछः और बडे,
पर गोल सारे ।

तारों के गिर्द,
ग्रह मन्डराते,
अपने अपने ,
तारों के चक्कर काटते ।

सब तारों मे,
एक तारा है सबसे खास,
वो है हमसे सबसे पास,
हाँ,
तुम्हारा सूर्य मामा,
जो इस समय है,
पृथ्वी के उस पार ।

और वो देखो,
तुम्हारा प्यारा चन्दामामा,
सूर्य के नहीं,
पृथ्वी के चक्कर काटता,
सारे बच्चों को मुस्कुराता,
हाँ,
तुम्हारा प्यारा चन्दामामा ।

शुक्र, बुध, पृथ्वी, मङ्गल,
बृहस्पती, शनी, नेप्च्यून, युरेनस,
हैं सब सूर्य के चक्कर काटते,
सब मिलकर सौरमन्डल बनाते ।

इतने सारे
गृह, तारे,
पर पृथ्वी पर ही हैं
हम सारे ।
वन, उपवन,
खेत, खलिहान,
जीव, जन्तू,
और हम सारे ।

खेलना, कूदना,
हँसी, ठहाके,
लड़ना, रोना,
बैठकर खाना,
मित्रता, शत्रुता,
सब निभाना,
पर,
मेरे प्यारे बेटे,
इस माँ पृथ्वी,
की रक्षा करना,
मत भूलना ।
देवसुत
 


Photo by: Pradeep Sahoo
Submitted by: देवसुत
Submitted on: Tue Apr 29 2014 13:29:54 GMT+0530 (IST)
Category: Original
Language: हिन्दी/Hindi


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