हमारे नन्हे कदम -हरेकृष्ण आचार्य

posted Oct 14, 2011, 3:06 AM by A Billion Stories
हमारे नन्हे कदम

समय की रेत पे,
चले जा रहें हैं
हमारे नन्हे कदम|

ज़िन्दगी की आंधी में ,
अपने मिटते चिन्हों को,
देख कर हँसते हुए,
कदम कदम पर,
अगले कदम के बारे में सोचते हुए,
चले जा रहें हैं,
हमारे नन्हे कदम|

नन्हे कदमों से लम्बे रास्ते साधते हुए,
अपनी आकांक्षा तारों पे लगाते हुए,
ज़िन्दगी के अगले मोड़ के इंतज़ार में,
ज़िन्दगी सँभालते हुए,
यही हैं वो नन्हे कदम|

कुछ नन्हे कदम, कुछ लम्बे रास्ते,
कुछ टूटे हौंसले, कुछ बुलंद इरादे,
बुलंद इरादों से सधते लम्बे रास्ते,
तारों को हासिल करते,
हमारे यही,
छोटे से,
नन्हे कदम|

-हरेकृष्ण आचार्य
First penned on: 1st August 2002 A.D., 18.56 hrs.
-हरेकृष्ण आचार्य

Submitted on: Wed Oct 12 2011 02:33:58 GMT-0700 (PDT)
Category: Original
Language: Hindi
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