काश... मैं पीछे होता -देवसुत

posted Dec 7, 2011, 7:13 AM by A Billion Stories
काश... मैं पीछे होता

काश... मैं पीछे होता,
आँखें खोल कर नहीं, बंद करके सोता,
किताब खोल के नहीं, बंद करके रखता,
टीचर से नहीं, दोस्तों से बातें करता,
पेन से किताब पर नहीं, चोक से टेबल पर लिखता,
अक्षर कम और फिगर ज्यादा बनाता,
आगे नहीं, अगल-बगल ज्यादा देखता,
टीचर की नज़रों में बुरा होता तो क्या,
दोस्तों की नज़रों में तो अच्छा होता?
शायद ज़िन्दगी का लुत्फ़ ज्यादा उठाता,
क्योंकि पढ़ाई की जगह, मगज मारी ज़्यादा करता,
और शायद आज जहां हूँ, वहां नहीं होता,
पर क्या मैं कुछ ऊपर? या शायद कुछ नीचे ही होता!

-देवसुत

Submitted on: Wed Dec 07 2011 06:49:08 GMT-0800 (PST)
Category: Original
Language: Hindi
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